NCERT Class 10th Science Notes Chapter-2 (Acid, Base)

Class 10 science Chapter 2 अम्ल , क्षारक एवं लवण

Class 10 Science Handwritten Notes PDF: आपको यहां Science के Handwritten Notes मिलेंगे। परीक्षा में, आपको पाठ्यक्रम से बाहर के प्रश्न मिलेंगे, और यह निश्चित है कि पेपर कहाँ से आता है। आखिरी समय में, जब आपकी परीक्षाएं नजदीक हैं, तो आप कहां पर जाएंगे

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आप ऐसे Class 10 Science Handwritten Notes PDF ढुंड रहे हैं जो ठीक से लिखे गए हों, अच्छे उदाहरणों के साथ तो आप सही जगह पर हैं। 10वीं कक्षा में पढ़ना कोई मज़ाक नहीं है, आप न केवल नोट्स ढूँढ़ने में अपना समय बर्बाद कर सकते हैं और वह भी तब जब आपकी परीक्षाएँ नज़दीक हों। हमारे पास Class 10 Science Handwritten Notes PDF हैं जो बहुत अच्छी तरह से लिखे गए हैं और परीक्षा में अच्छे अंक प्राप्त करने के लिए आवश्यक हैं। साथ ही कक्षा 10th विज्ञान के महत्वपूर्ण प्रश्न आप यहाँ आसानी से प्राप्त कर सकते हैं।

Class 10 Science Handwritten Notes PDF Download

आपके समय के महत्व को ध्यान में रखते हुए, हम इसे यथासंभव सरल और समझने योग्य बनाने का प्रयास करेंगे। पिछले वर्षों के प्रश्न पत्रों को देखते हुए हम Notes को आसान बनाने की कोशिश करेंगे। ताकि आप उन्हें समझने में अपना समय बर्बाद न करें। अगर पैटर्न या सिलेबस में कोई बदलाव होता है तो हम इस पर विचार करेंगे और फिर नोट्स बनाएंगे। हमारे शिक्षा विशेषज्ञ एक बार इन नोट्स को देखें और फिर वेबसाइट पर लिंक अपलोड करें। हम पिछले 10 वर्षों के सभी प्रश्नपत्रों का अच्छी तरह से अध्ययन करेंगे और फिर छात्रों के लिए साफ-सुथरे नोट्स तैयार करेंगे। जिसे आप निचे दिये गये लिंक से Class 10 Science Handwritten Notes PDF Download कर सकते है।

अम्ल की परिभाषा :- अम्ल को अंग्रेजी भाषा में ऐसिड कहते हैं , ऐसिड शब्द की उत्पत्ति लैटिन भाषा के शब्द ‘ एसिड्स ’ ( Acidus ) से हुई है , जिसका अर्थ खट्टा ( Sour ) होता है । अतः हम कह सकते हैं कि जो पदार्थ स्वाद में खट्टे होते हैं वे अम्ल होते हैं ।

अम्ल के गुण :-

  • स्वाद में खट्टा होते हैं ।
  • नीले लिटमस को लाल कर देते हैं ।
  • जलीय विलयन में H+ आयन देता ।


  • जलीय विलयन में विधुतधारा प्रवाहित करना ।
  • धातु के साथ अभिक्रिया कर H₂ निष्कासित करना ।
  • धातु कार्बोनिट / हाइडोजन कार्बोनेट के साथ अभिक्रिया कर CO₂ निष्कासित करना ।
  • कुछ धातु ऑक्साइड अम्ल में साथ अभिक्रिया कर लवण और जल बनाना ।

अम्ल के प्राकृतिक स्रोत :-


  • नीबू ( साइट्रिक अम्ल )
  • टमाटर ( ऐस्कार्बिक अम्ल )
  • अंगुर ( टार्टरिक अम्ल )
  • सिरका ( ऐसिटिक अम्ल )
  • दूध ( लेक्टिक अम्ल )
  • इमली ( टार्टरिक अम्ल )
  • सेब ( मैलिक अम्ल )

अम्लों के प्रकार :-

  • प्रबल अम्ल
  • दुर्बल अम्ल
  • सान्द्र अम्ल
  • तनु अम्ल

प्रबल अम्ल :-

  •  वे अम्ल , जो जलीय विलयन में पूर्णत : आयनित हो जाते है , प्रबल अम्ल कहलाते हैं । सल्फ्यूरिक अम्ल ( H₂SO₄ ) , हाइड्रोक्लोरिक अम्ल ( HCI ) नाइट्रिक अम्ल ( HNO₃ ) , हाइड्रोब्रोमिक अम्ल आदि प्रबल अम्लों के उदाहरण है ।
  •  प्रबल अम्लों में प्रोटॉन अर्थात् हाइड्रोजन आयन ( H + ) त्याग करते की उच्च क्षमता होती है अर्थात् प्रबल अम्ल अपने संघटक तत्वों के आयनों में विखण्डित हो जाते हैं ।

दुर्बल अम्ल :-

  •  अम्ल , जो जलीय विलयन में पूर्णत : आयनित न हो कर आंशिक रूप से आयनित होते हैं , दुर्बल अम्ल कहलाते हैं । एसिटिक अम्ल ( CH₃COQH ) , फॉर्मिक अम्ल ( HCOOH ) , हाइड्रोजन सल्फाइड ( H₂S ) आदि दुर्बल अम्लों के उदाहरण हैं ।
  •  दुर्बल अम्ल अपने हाइड्रोजन आयनों ( H+ ) का पूर्णत : त्याग नहीं करते हैं । समान सांद्रता पर दुर्बल अम्लों का pH मान प्रबल अम्लों से अधिक होता है ।

 सान्द्र अम्ल :-

  • जिसमें अम्ल अधिक मात्रा में होता है , जबकि जल अल्प मात्रा में होता है ।

तनु अम्ल :-

  •  जिसमें अम्ल अल्प मात्रा में होता है , जबकि जल अधिक मात्रा में होता है ।

 लिटमस पत्र :-

  • लिटमस विलयन के रूप में तथा कागज़ की पट्टियों के रूप में उपलब्ध होता है , इन कागज की पट्टियों को लिटमस पत्र कहते हैं ।
  • लिटमस पत्र दो रंगों का होता है नीला एवं लाल , अम्ल नीले लिटमस पत्र को लाल कर देता है जबकि क्षार लाल लिटमस पत्र को नीला कर देता है

 लवण :-

  •  धातु , अम्लों से हाइड्रोजन परमाणुओं का हाइड्रोजन गैस के रूप में विस्थापन करती है और एक यौगिक बनाता है जिसे लवण कहते हैं ।
  • लवण ठोस अवस्था में मिलते हैं ।


  • सामान्यतः लवण उदासीन होते हैं ।
  • लवणों के जलीय विलयन विद्युत के सुचालक होते हैं ।

 अम्ल के साथ धातु की अभिक्रिया :-

  • अम्ल + धातु → लवण + हाइड्रोजन
  • 2HCl + Zn → ZnCl₂ + H₂

 क्षारक के साथ धातु की अभिक्रिया :-

  • क्षार + धातु → लवण + हाइड्रोजन
  • 2NaOH + Zn → Na₂ZnO₂ + H₂

उदासीन :-

  •  ऐसे पदार्थ जो लाल अथवा नीले लिटमस पत्र के रंग को परिवर्तित नहीं करते हैं , उदासीन कहलाते हैं ।


  •  ऐसे पदार्थ न तो अम्लीय होते हैं और न ही क्षारकीय होते हैं ।
  •  जैसे :- नमक , नौसादर , केल्शियम क्लोराइड , सोडियम कार्बोनेट , सोडियम बाइकार्बोनेट आदि ।

 pH स्केल :-

  •  किसी विलयन में उपस्थित H⁺ आयन की सांद्रता ज्ञात करने के लिए एक स्केल विकसित किया गया जिसे pH स्केल कहते हैं ।
  • pH में p है ‘ पुसांस ‘ ( Potenz ) जो एक जर्मन शब्द है , जिसका अर्थ होता है शक्ति । अगर :-
  • PH = 7 → उदासीन विलयन
  • PH < 7 → अम्लीय विलयन
  • PH > 7 → क्षारीय विलयन

दैनिक जीवन में pH का महत्त्व :-

  •  पौधे एवं पशु pH के प्रति संवेदनशील होते हैं । :-
  •  हमारा शरीर 7.0 से 7.8 pH परास ( range ) के बीच कार्य करता है ।
  •  मिट्टी का pH :-
  •  अच्छी उपज के लिए पौधों को एक विशिष्ट pH परास की आवश्यकता होती है । यदि किसी स्थान की मिट्टी का pH कम या अधिक हो तो किसान उसमें आवश्यकतानुसार अम्लीय या क्षारीय पदार्थ मिलाते हैं ।

 हमारे पाचन तंत्र का pH :-

  •  हमारा उदर ( stomach ) हाइड्रोक्लोरिक अम्ल ( HCI ) उत्पन्न करता है जो भोजन के पाचन में सहायक होता है ।
  •  अपच की स्थिति में उदर अधिक मात्रा में अम्ल उत्पन्न करता है जिसके कारण उदर में दर्द व जलन का अनुभव होता है ।
  •  इस दर्द से मुक्त होने के लिए ऐन्टैसिड ( antacid ) जैसे क्षारकों का उपयोग किया जाता है जो अम्ल की अधिक मात्रा को उदासीन करता है । जैसे ( मिल्क ऑफ मैग्नीशिया )

 pH परिवर्तन के कारण दंत क्षय :-

  •  मुँह के pH का मान 5.5 से कम होने पर दाँतों का क्षय प्रारंभ हो जाता है ।
  •  दाँतों का इनैमल ( दन्तवल्क ) कैल्सियम फॉस्फेट से बना होता है जो कि शरीर का सबसे कठोर पदार्थ होता है , यह जल में नहीं घुलता लेकिन मुँह की pH का मान 5.5 से कम होने पर संक्षारित हो जाता है ।
  •  क्षारकीय दंत – मंजन का उपयोग करने से अम्ल की आधिक्य मात्रा को उदासीन किया जा सकता है

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